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ज्ञान और विज्ञान एक साथ

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अनमोल वचन और विचार

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अनमोल वचन और विचार

Ram Nath Kovind Quotes In Hindi


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अनमोल वचन और विचार ~ President Ramnath Kovind's precious words and thoughts



1. The dream of a free India stemmed from a wish for the holistic development of our villages, our poor and our country.
एक स्वतंत्र भारत का सपना हमारे गांवों के समग्र विकास, हमारे गरीब और हमारे देश के लिए इच्छा से लगा हुआ है।

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
2. We are indebted to those who laid down their lives for our independence.
हम उन लोगों के लिए ऋणी हैं जिन्होंने हमारी आजादी के लिए अपना जीवन निर्धारित किया है।

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
3. There is no place of poverty in New India
नव भारत में गरीबी का कोई स्थान नहीं है

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
4. Each of us responsible for creating a law-abiding society
हम सभी कानून का पालन करने वाला समाज बनाने के लिए जिम्मेदार हैं।

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
5. Govt can make, implement & strengthen laws but it is everyone's duty to abide by them
सरकार कानूनों को बना, कार्यान्वित और मजबूत कर सकती है लेकिन इन सभी का पालन करना हम सबका कर्तव्य है।

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद


6. I am confident that a strong partnership between citizens and the government will allow us to meet the goals of New India
मुझे विश्वास है कि नागरिकों और सरकार के बीच एक मजबूत साझेदारी हमें नई भारत के लक्ष्यों को पूरा करने की अनुमति देगा

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
7. There are so many people and organisations that work quietly and diligently for the poor and the disadvantaged. We should also work with unity and purpose to ensure that the benefits of government policies reach all sections of society
इतने सारे लोग और संगठन हैं जो गरीबों और वंचित लोगों के लिए चुपचाप और मेहनत से काम करते हैं। हमें यह सुनिश्चित करने के लिए एकता और उद्देश्य के साथ काम करना चाहिए कि सरकारी नीतियों के लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचें

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
8. I feel privileged to walk on the same path as Dr.Radhakrishnan, Dr. Abdul Kalam, and Pranab Mukherjee.
मुझे डॉ राधाकृष्णन, डॉ। अब्दुल कलाम और प्रणव मुखर्जी के समान पथ पर चलने के लिए विशेषाधिकार प्राप्त है।

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
9. We have achieved a lot as a nation, we should strive for more.
हमने एक राष्ट्र के रूप में बहुत कुछ हासिल किया है, हमें और अधिक प्रयास करना चाहिए।

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
10. Our efforts will pave way for a more developed India
हमारे प्रयासों से अधिक विकसित भारत के लिए मार्ग प्रशस्त होगा

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
11. Each citizen of India is a nation builder.
भारत का प्रत्येक नागरिक एक राष्ट्र निर्माता है

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद




12. We must combine tradition and technology, the wisdom of an age-old Bharat and the science of a contemporary India.
हमें परंपरा और प्रौद्योगिकी को जोड़ना चाहिए, एक पुरानी भारत का ज्ञान और एक समकालीन भारत का विज्ञान.

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
13. Those police and paramilitary forces that fight terrorism and crime are nation builders.
वो पुलिस और अर्धसैनिक बल जो आतंकवाद और अपराध से लड़ते हैं, देश के निर्माणकर्ता हैं।

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
14. My win is a message to those discharging their duties with integrity.
मेरी जीत अखंडता के साथ अपने कर्तव्यों को निर्वहन करने वालों के लिए एक संदेश है.

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
15. I pay my respects to my countrymen and assure them that I’ll serve the nation in the spirit of ‘Sarve Bhavantu Sukhinah’ (May all be happy).
मैं अपने देशवासियों को अपना सम्मान देता हूं और उन्हें आश्वासन देता हूं कि मैं 'सर्ववी भवन्तु सुखिनह' (सभी खुश रहो) की भावना में देश की सेवा करूंगा।

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
16. I will always strive for the all-round development of the nation, to fulfil the aspirations of the youths and for the development of modern education. For a president, the Constitution is supreme. It is the Gita, Ramayana, Quran and Bible. It is very important to maintain and uphold the supremacy of our Constitution.
मैं युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने और आधुनिक शिक्षा के विकास के लिए हमेशा राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयास करता हूं। राष्ट्रपति के लिए, संविधान सर्वोच्च है यह गीता, रामायण, कुरान और बाइबल है हमारे संविधान की सर्वोच्चता बनाए रखने और बनाए रखने के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है.

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
17. For a president, the well-being of every citizen of the country, every section of the society, irrespective of the caste, creed, religion, religion or geographical location, is most important.
राष्ट्रपति के लिए, देश के प्रत्येक नागरिक की भलाई, समाज के हर वर्ग, चाहे जाति, पंथ, धर्म, धर्म या भौगोलिक स्थिति के बावजूद, सबसे महत्वपूर्ण है।

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
18. It is a duty. Let us take it as a duty.
यह एक कर्तव्य है आइये इसे एक कर्तव्य के रूप में लेते हैं।

- Ramnath Kovind रामनाथ कोविंद
19. Only a good human being can be a good teacher or a good administrator or a good politician.
केवल एक अच्छा इंसान एक अच्छा शिक्षक या एक अच्छा प्रशासक या एक अच्छा राजनीतिज्ञ हो सकता है.


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पण्डित दीनदयाल उपाध्याय 'वसुधैव कुटुम्बकम' के पूजक की जीवनी

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय 'वसुधैव कुटुम्बकम' के पूजक की जीवनी

Pandit Deen Dayal Upadhyaya Jivni


पण्डित दीनदयाल उपाध्याय 'वसुधैव कुटुम्बकम' के पूजक की जीवनी ~ Pandit Deendayal Upadhyaya Biography in Hindi


पण्डित दीनदयाल उपाध्याय महान चिन्तक और संगठनकर्ता थे। वे भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद जैसी प्रगतिशील विचारधारा दी।

उपाध्यायजी नितान्त सरल और सौम्य स्वभाव के व्यक्ति थे। राजनीति के अतिरिक्त साहित्य में भी उनकी गहरी अभिरुचि थी। उनके हिंदी और अंग्रेजी के लेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते थे। केवल एक बैठक में ही उन्होंने चन्द्रगुप्त नाटक लिख डाला था।

दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितम्बर 1916 को मथुरा जिले में हुआ था। इनके पिता का नाम भगवती प्रसाद उपाध्याय था। माता रामप्यारी धार्मिक वृत्ति की थीं।

रेल की नौकरी होने के कारण उनके पिता का अधिक समय बाहर ही बीतता था। कभी-कभी छुट्टी मिलने पर ही घर आते थे। थोड़े समय बाद ही दीनदयाल के भाई ने जन्म लिया जिसका नाम शिवदयाल रखा गया। पिता भगवती प्रसाद ने बच्चों को ननिहाल भेज दिया। उस समय उनके नाना चुन्नीलाल शुक्ल धनकिया में स्टेशन मास्टर थे। मामा का परिवार बहुत बड़ा था। दीनदयाल अपने ममेरे भाइयों के साथ खाते खेलते बड़े हुए।

3 वर्ष की मासूम उम्र में दीनदयाल पिता के प्यार से वंचित हो गये। पति की मृत्यु से माँ रामप्यारी को अपना जीवन अंधकारमय लगने लगा। वे अत्यधिक बीमार रहने लगीं। उन्हें क्षय रोग लग गया। 8 अगस्त 1924 को रामप्यारी बच्चों को अकेला छोड़ ईश्वर को प्यारी हो गयीं। 7 वर्ष की कोमल अवस्था में दीनदयाल माता-पिता के प्यार से वंचित हो गये।

“हम लोगों ने अंग्रेजी वस्तुओं का विरोध करने में तब गर्व महसूस किया था जब वे (अंग्रेज ) हम पर शाशन करते थे, पर हैरत की बात है, अब जब अंग्रेज जा चुके हैं, पश्चिमीकरण प्रगति का पर्याय बन चुका है.”
-         Pundit Deendayal Upadhyaya पण्डित दीनदयाल उपाध्याय

उपाध्याय जी ने पिलानी, आगरा तथा प्रयाग में शिक्षा प्राप्त की। बी०.एससी० बी०टी० करने के बाद भी उन्होंने नौकरी नहीं की। छात्र जीवन से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय कार्यकर्ता हो गये थे। अत: कालेज छोड़ने के तुरन्त बाद वे उक्त संस्था के प्रचारक बन गये और एकनिष्ठ भाव से संघ का संगठन कार्य करने लगे। उपाध्यायजी नितान्त सरल और सौम्य स्वभाव के व्यक्ति थे।

सन 1951 ई० में अखिल भारतीय जनसंघ का निर्माण होने पर वे उसके संगठन मन्त्री बनाये गये। दो वर्ष बाद सन् 1953 ई० में उपाध्यायजी अखिल भारतीय जनसंघ के महामन्त्री निर्वाचित हुए और लगभग 15 वर्ष तक इस पद पर रहकर उन्होंने अपने दल की अमूल्य सेवा की। कालीकट अधिवेशन (दिसम्बर 1967) में वे अखिल भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। 11 फरवरी 1968 की रात में रेलयात्रा के दौरान मुगलसराय के आसपास उनकी हत्या कर दी गयी।

विलक्षण बुद्धि, सरल व्यक्तित्व एवं नेतृत्व के अनगिनत गुणों के स्वामी भारतीय राजनीतिक क्षितिज के इस प्रकाशमान सूर्य ने भारतवर्ष में समतामूलक राजनीतिक विचारधारा का प्रचार एवं प्रोत्साहन करते हुए सिर्फ 52 साल क उम्र में अपने प्राण राष्ट्र को समर्पित कर दिए। अनाकर्षक व्यक्तित्व के स्वामी दीनदयालजी उच्च-कोटि के दार्शनिक थे किसी प्रकार का भौतिक माया-मोह उन्हें छू तक नहीं सका।

“मुसलमान हमारे शरीर का शरीर और खून का खून हैं.”
-         Pundit Deendayal Upadhyaya पण्डित दीनदयाल उपाध्याय

जनसंघ के राष्ट्रजीवन दर्शन के निर्माता दीनदयालजी का उद्देश्य स्वतंत्रता की पुर्नरचना के प्रयासों के लिए विशुद्ध भारतीय तत्व-दृष्टी प्रदान करना था . उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद जैसी प्रगतिशील विचारधारा दी। दीनदयालजी को जनसंघ के आर्थिक नीति के रचनाकार बताया जाता है। आर्थिक विकास का मुख्य उद्देश्य समान्य मानव का सुख है या उनका विचार था। विचार–स्वातंत्रय के इस युग में मानव कल्याण के लिए अनेक विचारधारा को पनपने का अवसर मिला है। इसमें साम्यवाद, पूंजीवाद , अन्त्योदय, सर्वोदय आदि मुख्य हैं। किन्तु चराचर जगत को सन्तुलित , स्वस्थ व सुंदर बनाकर मनुष्य मात्र पूर्णता की ओर ले जा सकने वाला एकमात्र प्रक्रम सनातन धर्म द्वारा प्रतिपादित जीवन – विज्ञान, जीवन –कला व जीवन–दर्शन है।

संस्कृतिनिष्ठा दीनदयाल जी के द्वारा निर्मित राजनैतिक जीवनदर्शन का पहला सुत्र है उनके शब्दों में- “ भारत में रहनेवाला और इसके प्रति ममत्व की भावना रखने वाला मानव समूह एक जन हैं . उनकी जीवन प्रणाली ,कला , साहित्य , दर्शन सब भारतीय संस्कृति है . इसलिए भारतीय राष्ट्रवाद का आधार यह संस्कृति है . इस संस्कृतिमें निष्ठा रहे तभी भारत एकात्म रहेगा .”

“वसुधैव कुटुम्बकम” हमारी सभ्यता से प्रचलित है। इसी के अनुसार भारत में सभी धर्मो को समान अधिकार प्राप्त हैं। संस्कृति से किसी व्यक्ति ,वर्ग , राष्ट्र आदि की वे बातें जो उनके मन,रुचि, आचार, विचार, कला-कौशल और सभ्यता का सूचक होता है पर विचार होता है। दो शब्दों में कहें तो यह जीवन जीने की शैली है। भारतीय सरकारी राज्य पत्र (गज़ट) इतिहास व संस्कृति संस्करण में यह स्पष्ट वर्णन है कि हिन्दुत्व और हिंदूइज़्म एक ही शब्द हैं तथा यह भारत के संस्कृति और सभ्यता का सूचक है।

“धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष ( चार पुरुषार्थ ) की लालसा मनुष्यों में जन्मजात होती है और समग्र रूप में इनकी संत्सुष्टि भारतीय संस्कृति का सार हैं.”
-Pundit Deendayal Upadhyaya पण्डित दीनदयाल उपाध्याय

उपाध्यायजी पत्रकार तो थे ही चिन्तक और लेखक भी थे। उनकी असामयिक मृत्यु से एक बात तो स्पष्ट हो जाती है कि जिस धारा में वह भारतीय राजनीति को ले जाना चाहते थे वह धारा हिन्दुत्व की थी जिसका संकेत उन्होंने अपनी कुछ कृतियों में ही दे दिया था। तभी तो कालीकट अधिवेशन के बाद विश्व भर के मीडिया का ध्यान उनकी ओर गया। उनकी कुछ प्रमुख पुस्तकों के नाम नीचे दिये गये हैं-

दो योजनाएँ ,
राजनीतिक डायरी,
भारतीय अर्थनीति का अवमूल्यन ,
सम्राट चन्द्रगुप्त ,
जगद्गुरु शंकराचार्य, और
एकात्म मानववाद (अंग्रेजी: Integral Humanism)
राष्ट्र जीवन की दिशा

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यूं करें क्रोध की ऊर्जा का निवेश। Making Your Anger Work For You

यूं करें क्रोध की ऊर्जा का निवेश। Making Your Anger Work For You

Yu kare apni krodh ki urja ka nivesh hindi me


यूं करें क्रोध की ऊर्जा का निवेश। Making Your Anger Work For You In Hindi


दोस्तों एक कहावत है, ' जो आदमी कभी गुस्सा नहीं हो सकता, वह मुर्ख है। परन्तु जो आदमी कभी गुस्सा नहीं होता, वह समझदारर है।' अजीब-सी बात है इस कहावत में, और यह अजीब बात ही इसकी ताकत है, क्रोध की ऊर्जा का रहस्य है। बात सीधी-सी है, फर्क केवल इतना है की वह काफी टेढ़े ढंग से दिया गया है। सैकड़ो सालों के अनुभव से बनती है ये कहावतें। हमारे पूर्वजों का ख्याल यही रहा है की प्रत्येक के पास क्रोध की आग होनी ही चाहिए।
ऐसा नहीं की यह आग हो ही नहीं, लेकिन ऐसा भी नहीं की जब मर्जी हुई, जहाँ कही भी, इस आग का इस्तेमाल कर दिया। यानी इसका न होना ठीक नहीं है। तो फिर हो ही क्यों? तो फिर ठीक या है? ऐसी बात को ठीक-ठीक जान लेना ही अपने क्रोध को ऊर्जा में तब्दील करना है।


क्रोध महत्वपूर्ण ऊर्जा है ~ Anger is important energy

महत्वपूर्ण ऊर्जा नहीं, बल्कि उससे भी महत्वपूर्ण है उसका उपयोग किया जाना। बस, यही बात क्रोध रुपी ऊर्जा पर लागू होती है। क्रोध हम सभी में है, और रहेगा भी। सच तो यह है की रहना भी चाहिए। महत्त्व की बात यहाँ यह है, की हमें वह तकनीक आनी चाहिए, की हमारे अंदर क्रोध की जो गर्मी है, आग है, कैसे उसका रचनात्मक इस्तेमाल किया जाएँ?

यह क्रोध, जिसे हम एक ध्वंश करने वाली, बर्बाद करने वाली शक्ति के रूप में ही ज्यादा जानते है, ऐसा क्या करें की वह निर्माण करने वाली बन जाएँ। सामान्यता क्रोध इंसान को असफलता की और ही ले जाता है, लेकिन सभी को नहीं। कभी-कभी ऐसा भी होता है, की सफलता उस आदमी को भी मिल जाती है, जो क्रोध से पागल हो उठता है, बशर्ते की वह कर्म करने में जुट जाएँ। यहाँ क्रोध एक प्रेरक शक्ति का काम करने में लगता है। दो मुख्य विचार ऐसे होते है, जो क्रोधी व्यक्ति को निर्माण प्रेरणा दे सकते है।

पहला विचार:- बदला लेने का विचार, प्रतिशोध लेने का विचार।
दूसरा विचार:-  अपने क्रोध को रिलीज़ करने का विचार।

गौतम बुद्ध ने कहा था , जो मनुष्य मन में उठे हुए क्रोध को दौड़ते हुए रथ के समान शीघ्र रोक लेता है, उसी को में सारथी समझता हूँ, क्रोध के अनुसार चलने वाले को केवल लगाम रखने वाला कहा जा सकता है। प्रतिशोध लेने का एक रचनात्मक तरीका भी होता है, और वह तरीका यह है की ' उससे भी आगे निकल जाना जिससे प्रतिशोध लेना है। यदि हम प्रतिशोध की भावना से भरकर, जो एक प्रकार से क्रोध की एक क्रिया ही है, किसी को बर्बाद में करने में लग जाते है, और इस में सफल भी हो जाते है। तो सोच कर देखें की इससे हमें मिलता किया है। कुछ भी नहीं, सिवाए इसके की दिल की आग ठंडी हो जाती है।

महाभारत में यही सब तो होता रहता है, जिसके परिणति सबकी बर्बादी में होती है, यहाँ तक की उसकी बर्बादी में भी, जो अंत में जीत जाता है - एक विखंडित विजय। यह एक ऐसी जीत थी, जो हार से भी कही बुरी थी। चैलिंग पौलोक ने कहा था की 'मनुष्य और मोटरकार अंदरूनी विस्फोटों की श्रंखला  के कारण प्रगति करते है?' हमारे अंदर की जड़ता टूटे और हमारी सोई हुई ऊर्जा गतिशील हो सके, इसके लिए किसी न किसी धक्के की जरुरत होती है और क्रोध एक ऐसे धक्के का. एक जबरदस्त धक्के का काम क्र सकता है, बशर्ते की आप चाहें। हालाँकि लोग चाहते तो है, लेकिन सही तरीका अपना नहीं पाते।

क्रोध को चुनौती बना लें ~ Make Anger Challenge

दोस्तों वैसे हर आदमी की एक इमेज बन जाती है।  फिर उसका मूल्याँकन और उसका प्रभाव उस इमेज के अनुसार ही होने लगता है। क्रोध को याद रखने का अर्थ यह भी नहीं है, की हम अपने अंदर उसके लिए प्रतिशोध पाल ले, जिसने हमें क्रोध दिलाया था या जो घटना हमारे क्रोध का कारण बानी थी, क्रोध को एक प्रेरक शक्ति के रूप में स्वीकार करके उसे एक चुनौती के रूप में ले। चुनौती उस रूप में की उस व्यक्ति से घृणा नहीं करनी है, जिसने हमें क्रोधित किया था कुछ दिनों के बाद आप पाएंगे की उसके प्रति घृणा, क्रोध, ईर्ष्या, और प्रतिशोध का भाव धीरे धीरे कमजोर पड़ना शुरू हो गया है।

फिर एक दिन ऐसा भी आएगा की यह सारे नकारात्मक भाव गायब हो जायेंगे। बस, समझ लीजिये की अब आपके अंदर के क्रोध ने रचनात्मक ऊर्जा का रूप धारण कर लिया है। एक वैज्ञानिक मष्तिष्क तलाश लिया है। इसका है एक ऐसा मष्तिष्क, जो कार्य और कारण के सम्बन्धो की सही व्याख्या करने की क्षमता रखता है। ऐसा मष्तिस्क जानता है की यदि कोई कार्य हो रहा है, घटना घट रही है, तो वह यू ही बेवजह नहीं हो रही है। उसके पीछे कोई न कोई एक या एक से अधिक यथार्थ कारण होंगे ही, फिर चाहें यह कार्य और घटना क्रोध के आने का ही क्यों न हो। जैसे ही क्रोध आएगा, वैज्ञानिक मष्तिस्क तुरंत सचेत होकर सक्रिय हो जायेगा, और लग जायेगा उस क्रोध के आने का कारण की व्याख्या करने में। क्रोध के मामले में सबसे महत्त्व इसी बात का होता है, की यदि हम उसकी व्याख्या करने लगे, तो लगभग 98% मामलों में वह अर्थहीन मालूम पड़ने लगेगा। इसलिए बिना किसी हिचक के यह बात दावे के साथ कही जा सकती है, की सच्चा वैज्ञानिक मष्तिस्क कभी उत्तेजित नहीं होता।

जाहिर है की क्रोध मूल्यत एक उत्तेजना है, और यह एक अवैज्ञानिक मष्तिस्क की उत्तेजना है। इसलिए जिन्हे बहुत गुस्सा आता है , उन पर पूरी तरह भरोसा करना मुश्किल होता है। पता नहीं किस बात पर भड़क जाएँ, और क्या से क्या कह और कर बैठे। ऐसे लोगों के द्वारा लिए गए निर्णयों पर यकीन नहीं हो पाता। पता नहीं कब उसे बदल दे, क्रोध के जलती हुई यह मसाल, रौशनी देने वाली बन जाती है। सामने वालो को चेतावनी देने वाली बन जाती है और जरुरत पड़ने पर एक अस्त्र बनने में भी देर नहीं लगती।


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नरेंद्र मोदी के जोश भर देने वाले विचार और वचन।

नरेंद्र मोदी के जोश भर देने वाले विचार और वचन।

Narendra Modi's passionate thoughts and statements in hindi


नरेंद्र मोदी जी के जोश भर देने वाले विचार और वचन।Narendra Modi's passionate thoughts and quotes in hindi।


1. Social media is reducing social barriers. It connects people on the strength of human values, not identities.
सामाजिक मीडिया सामाजिक बाधाओं को कम कर रहा है। यह लोगों को मानवीय मूल्यों की ताकत पर जोड़ता  है, न कि पहचान पर।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


2. I come from a poor family, I have seen poverty. The poor need respect, and it begins with cleanliness.
मैं एक गरीब परिवार से आया हूं, मैंने गरीबी देखी है गरीबों को सम्मान की आवश्यकता है, और यह स्वच्छता से शुरू होती है।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


3. The diversity of India, of our civilization, is actually a thing of beauty, which is something we are extremely proud of.
भारत की विविधता, हमारी सभ्यता की, वास्तव में सौंदर्य की बात है, ये कुछ ऐसा है जिसपर हम पर अत्यंत गर्व करते है।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


4. I don't carry the burden of the past or the madness of the future. I live in the present.
मैं भूतकाल का बोझ लेकर नहीं चलता और न ही भविष्य का पागलपन. मैं वर्तमान में जीता हूँ।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


5. Good governance with good intentions is the hallmark of our government. Implementation with integrity is our core passion.
अच्छे इरादों के साथ सुशासन हमारी सरकार की पहचान है। अखंडता के साथ कार्यान्वयन हमारा मुख्य जुनून है।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


6. I believe mutual respect for one another and cooperation should be the basis for relationships with foreign nations.
मेरा मानना ​​है कि एक दूसरे के लिए आपसी सम्मान और सहयोग विदेशी राष्ट्रों के साथ संबंधों का आधार होना चाहिए।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


7. For me, my secularism is, India first. I say, the philosophy of my party is 'Justice to all. Appeasement to none.' This is our secularism.
मेरे लिए, मेरा धर्मनिरपेक्षता है, भारत पहले। मैं कहता हूं, मेरी पार्टी का दर्शन 'सभी के लिए न्याय' है। किसी के लिए अपमान नहीं। यह हमारा धर्मनिरपेक्षता है।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


8. We walk together, we move together, we think together, we resolve together, and together we take this country forward.
हम एक साथ दौड़ते हैं, हम एक साथ चलते हैं, हम एक साथ सोचते हैं, हम एक साथ हल खोजते हैं, और साथ में हम इस देश को आगे ले जाते हैं।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


9. All religions and all communities have the same rights, and it is my responsibility to ensure their complete and total protection. My government will not tolerate or accept any discrimination based on caste, creed and religion.
सभी धर्मों और सभी समुदायों को समान अधिकार हैं, और यह मेरी जिम्मेदारी है कि वे अपने पूर्ण और कुल संरक्षण सुनिश्चित करें। मेरी सरकार जाति, पंथ और धर्म के आधार पर किसी भी भेदभाव को सहन या स्वीकार नहीं करेगी।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


10. It is my absolute belief that Indians have unlimited talent. I have no doubt about our capabilities.
यह मेरा पूर्ण विश्वास है कि भारतीयों में असीमित प्रतिभा है। मुझे हमारी क्षमताओं के बारे में कोई संदेह नहीं है।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


11. I'm a nationalist. I'm a patriot. Nothing is wrong. I'm a born Hindu. Nothing is wrong. So, I'm a Hindu nationalist, so yes, you can say I'm a Hindu nationalist because I am a born Hindu, I'm patriotic, so nothing is wrong in it.
मैं एक राष्ट्रवादी हूं मैं देशभक्त हूँ. कुछ भी गलत नहीं है। मैं हिंदू पैदा हुआ हूँ कुछ भी गलत नहीं है। तो, मैं हिंदू राष्ट्रवादी हूं, हां, आप कह सकते हैं कि मैं हिंदू राष्ट्रवादी हूं क्योंकि मैं जन्म से हिन्दू हूं, मैं देशभक्त हूं, इसलिए इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


12. A national festival is an occasion to refine and rebuild the national character.
एक राष्ट्रीय उत्सव राष्ट्रीय चरित्र को परिशोधित और पुनर्निर्माण करने का एक अवसर है।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


13. We should work with the principle that a work that can be done at a lower level should never be escalated to a higher level.
हमें इस सिद्धांत के साथ काम करना चाहिए कि किसी काम को जो कम स्तर पर किया जा सकता है, उसे उच्च स्तर तक बढ़ाया नहीं जाना चाहिए।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


14. We will naturally pursue our goals on the strength of our own resources, skills and enterprise. But, we know that we will be more successful when we do this in partnership with the world.
हम स्वाभाविक रूप से हमारे अपने संसाधनों, कौशल और उद्यम की ताकत पर अपने लक्ष्यों का पीछा करेंगे। लेकिन, हम जानते हैं कि जब हम दुनिया के साथ साझेदारी करते हैं तो हम और अधिक सफल होंगे।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


15. The government's job is good governance for everybody. My government will make policies; if you fit into it, come on board, or stay where you are. My job is not to spoon-feed anyone.
सरकार का काम सभी के लिए अच्छा शासन है। मेरी सरकार नीतियां बनाएगी; यदि आप इसमें फिट होते हैं, तो बोर्ड पर आओ, या फिर वही रहो जहा हों। मेरा काम किसी को चम्मच से खाना खिलाने का नहीं है।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


16. I believe you never get tired by doing work. You get tired when you don't work. When you clean your house, you don't get tired; it gives you satisfaction.
मेरा मानना ​​है कि आप कभी भी काम करके थक नहीं पाते हैं जब आप काम नहीं करते हैं तो आप थके हुए होते हैं जब आप अपने घर को साफ करते हैं, तो आप थक नहीं जाते; यह आपको संतुष्टि देता है।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


17. I am confident my Hindutva face will be an asset when dealing with foreign affairs with other nations.
मुझे विश्वास है कि अन्य देशों के साथ विदेशी मामलों के साथ व्यवहार करते समय मेरा हिंदुत्व का चेहरा एक संपत्ति होगा।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


18. Our vision and commitment is towards the country's progress, its place in the world and the happiness of its people.
हमारी दृष्टि और प्रतिबद्धता देश की प्रगति प्रति है, दुनिया में इसकी जगह और अपने लोगों की खुशी के प्रति है।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


19. Unless and until you inspire the people, you will not get results. Imposition will never give you the results. Inspiration will always give you the results.
जब तक और जब तक आप लोगों को प्रेरणा नहीं देते, आपको परिणाम नहीं मिलेगा। प्रभाव आपको कभी नतीजे नहीं देगा. प्रेरणा हमेशा आपको परिणाम देगी।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


20. Tourism provides employment to the poorest of the poor. Gram seller earns something, auto-rickshaw driver earns something, pakoda seller earns something, and tea seller also earns something.
पर्यटन गरीबों के गरीबों को रोजगार प्रदान करता है। ग्राम विक्रेता कुछ कमाता है, ऑटो-रिक्शा चालक कुछ कमाता है, पकोड़ा विक्रेता कुछ कमाता है, और चाय विक्रेता भी कुछ कमाता है।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


21. We must ensure that technology is accessible, affordable, and adds value.
हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रौद्योगिकी सुलभ, सस्ती है, और मूल्य जोड़ता हों।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


22. I always say the strength of democracy lies in criticism. If there is no criticism, that means there is no democracy. And if you want to grow, you must invite criticism. And I want to grow; I want to invite criticism.
मैं हमेशा कहता हूं कि लोकतंत्र की शक्ति आलोचना में निहित है। अगर कोई आलोचना नहीं है, तो इसका मतलब है कि लोकतंत्र नहीं है। और अगर आप बढ़ना चाहते हैं, तो आपको आलोचना को आमंत्रित करना होगा। और मैं विकास करना चाहता हूं; मैं आलोचना को आमंत्रित करना चाहता हूं।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


23. People's blessings give you the power to work tirelessly. The only thing required is commitment.
लोगों का आशीर्वाद आपको अथक काम करने की शक्ति देता है केवल एक चीज की आवश्यकता होती है,प्रतिबद्धता।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


24. I draw pleasure in governance, in doing new things and bringing people together. That pleasure is all I need from life.
मैं शासन में खुशी लाता हूं, नई चीजें करके ओर लोगों को करीब लाकर। बस यही ख़ुशी मुझे अपने जीवन से चाहिए।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


25. I dream of a Digital India where the netizen is an Empowered Citizen.
मैं एक डिजिटल भारत का सपना देखता हूँ जहां नेटीज़न एक अधिकार प्राप्त नागरिक है।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


26. We, the present generation, have the responsibility to act as a trustee of the rich natural wealth for the future generations. The issue is not merely about climate change; it is about climate justice.
हम, वर्तमान पीढ़ी, भविष्य की पीढ़ियों के लिए अमीर प्राकृतिक धन के ट्रस्टी के रूप में कार्य करने की हमारी जिम्मेदारी है। यह मुद्दा केवल जलवायु परिवर्तन के बारे में नहीं है; यह जलवायु न्याय के बारे में है।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


27. Fighting Climate Change calls for innovation, cooperation and will power to make the changes that the world needs.
जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए नवाचार, सहयोग और बिजली की जरूरत है, जिससे दुनिया की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


28. I do take pride in saying that in spite of being in public life for so long, there is not a single case against me, not even for wrongly parking a scooter or driving on the wrong side.
मुझे यह कहने में गर्व है कि इतने लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में होने के बावजूद मेरे खिलाफ कोई एक भी मामला नहीं है, ग़लत तरीके से स्कूटर को पार्किंग करने या गलत पक्ष पर चलने के लिए भी नहीं।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


29. We should not look at terrorism from the nameplates - which group they belong to, what is their geographical location, who are the victims. These individual groups or names will keep changing. Today you are looking at the Taliban or ISIS; tomorrow you might be looking at another name.
हमें नामों से आतंकवाद नहीं दिखना चाहिए - जो समूह वे हैं, उनका भौगोलिक स्थान क्या है, पीड़ित कौन हैं ये अलग-अलग समूह या नाम बदलते रहेंगे। आज आप तालिबान या आईएसआईएस को देख रहे हैं; कल आप दूसरे नाम को देख सकते हैं।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


30. So far as the government is concerned, there is only one holy book, which is the constitution of India. My government will not tolerate or accept any discrimination based on caste, creed and religion.
जहां तक ​​सरकार का सवाल है, वहां केवल एक पवित्र पुस्तक है, जो कि भारत का संविधान है। मेरी सरकार जाति, पंथ और धर्म के आधार पर किसी भी भेदभाव को सहन या स्वीकार नहीं करेगी।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


31. Some people will have to be afraid. Those who plunder the nation, deliver injustice, will have to feel scared of me. And I am not afraid of admitting this. Government cannot be so lenient that it forgives them.
कुछ लोगों को डरना होगा। जो लोग देश को लूटते हैं, अन्याय करते हैं, मुझसे डरना होगा। और मैं यह स्वीकार करने से नहीं डरता हूं। सरकार इतना उदार नहीं हो सकती कि वह उन्हें क्षमा कर देती है।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


32. The power and energy sectors are the biggest constituents of the infrastructure sector. If you ignore them, no development will happen.
शक्ति और ऊर्जा क्षेत्र बुनियादी ढांचा क्षेत्र के सबसे बड़े घटक हैं। यदि आप उन्हें अनदेखा करते हैं, तो कोई विकास नहीं होगा।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


33. Indians invest more in Britain than in the rest of European Union combined. It is not because they want to save on interpretation costs, but because they find an environment that is welcoming and familiar.
यूरोपीय संघ के बाकी हिस्सों की तुलना में भारतीय निवेश ब्रिटेन में ज्यादा हैं ऐसा इसलिए नहीं है क्योंकि वे व्याख्यात्मक लागतों पर बचत करना चाहते हैं, लेकिन क्योंकि उन्हें ऐसे वातावरण मिलते हैं जो जो उनके परिचित होते है और स्वागत करते है।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


34. I found that the corridors of power in Delhi were littered with lobbies of various kinds.
मुझे पता चला कि दिल्ली में सत्ता के गलियारे विभिन्न प्रकार के लॉबी से भरे थे।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


35. Desire +Stability = Resolution, Resolution +Hard work=success।
इच्छा + स्थिरता = संकल्प, संकल्प + कठिन काम = सफलता।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


36. in  my life mission is everything.. Even if i was a municipal chairman, I would have worked as hard as a CM।
मेरा जीवन मिशन है सब कुछ .. यहां तक ​​कि अगर मैं एक नगरपालिका अध्यक्ष होता, मैं एक मुख्यमंत्री की तरह कड़ी मेहनत के साथ काम करता।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


37. It is important how we view the youth of our nation. To simply consider them as new age voters will be a big mistake. They are the new age power.
यह महत्वपूर्ण है कि हम अपने राष्ट्र के युवाओं को कैसे देखें। उन्हें बस नए युग के मतदाताओं के रूप में मानने के लिए एक बड़ी गलती होगी। ये नई आयु की शक्ति हैं
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


38. I will make such a wonderful India that all Americans will stand in line to get a visa for India.
मैं ऐसा शानदार भारत बनाऊंगा की सभी अमेरिकन्स भारत का वीज़ा बनवाने के लिए कतार में खड़े होंगे।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


39. Once we decide we have to do something, we can go miles ahead.
एक बार जब हम तय करते हैं कि हमें कुछ करना है, तो हम मीलों आगे जा सकते हैं।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी

40. India does not need to become anything else. India must become only India. This is a country that once upon a time was called the golden bird.
भारत को कुछ और बनने की ज़रूरत नहीं है भारत को केवल भारत बनना चाहिए यह एक ऐसा देश है जिसे एक बार एक समय में सुनहरा पक्षी कहा जाता था।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


41. America has absorbed people from around the world, and there is an Indian in every part of the world. This characterizes both the societies. Indians and Americans have co-existed in their natural temperament.
अमेरिका ने दुनिया भर के लोगों को अवशोषित किया है, और दुनिया के हर हिस्से में एक भारतीय है। यह दोनों समाजों की विशेषता है भारतीय और अमेरिकी अपने प्राकृतिक स्वभाव में सह-अस्तित्व रखते हैं।
- Narendra Modi नरेंद्र मोदी


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